हरियाणा समेत देश के कई हिस्सों में आज बूंदाबादी के आसार, कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

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हरियाणा, दिल्ली, यूपी के कई हिस्सों में आज बूंदाबादी की संभावना, कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

हरियाणा, दिल्ली और यूपी के कई हिस्सों में आज मौसम में बदलाव होने की संभावना है। कई राज्यों में प्रदूषण के चलते मौसम बहुत ज्यादा खराब है, लेकिन अब इस हल्की बादलवाई और मौसम में परिवर्तन से प्रदूषण से राहत मिलने की उम्मीद है। दिल्ली का प्रदूषण नवंबर की शुरुआत के बाद से ज्यादातर समय खतरनाक/गंभीर श्रेणी में रहा है। हालांकि बीच में मामूली राहत मिली और एक्यूआई इंडेक्स बहुत खराब श्रेणी में आ गया, फिर भी दिल्ली और एनसीआर में वायु गुणवत्ता सूचकांक खराब रहा है।

पंजाब और हरियाणा से पराली जलाने का धुंआ पिछले 4-5 दिनों के दौरान अपने चरम पर था। इस साल मानसून की वापसी देर से शुरू हुई और दक्षिण-पश्चिम मानसून अक्टूबर के मध्य तक जारी रहा। 

अब हवाएं पूर्व और दक्षिण पूर्व दिशा से हैं और गति बहुत कम है इसलिए हमें प्रदूषण के स्तर में कोई महत्वपूर्ण सुधार की उम्मीद नहीं है। 20 नवंबर को दक्षिण हरियाणा, दक्षिण पश्चिम उत्तर प्रदेश और दिल्ली के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना है, लेकिन यह हल्की बारिश प्रदूषकों को नहीं धो सकती है, यही वजह है कि प्रदूषण का स्तर जारी रहने की उम्मीद है।

मौसम विभाग ने शनिवार सुबह राजस्थान, यूपी व हरियाणा में भी बारिश की संभावना जतार्ह। इसके अलावा हैदराबाद के मौसम विभाग की ओर से जारी किए गए अनुमान के अनुसार बंगाल की खाड़ी में कम दबाव वाला क्षेत्र बनने से तेलंगाना के कुछ इलाकों में इस सप्ताहांत में बारिश के आसार हैं। साथ ही नालगोंडा व यादाद्री समेत कई इलाकों में भारी बारिश हो सकती है।

पहले रिकार्डतोड़ गर्मी और फिर बारिश के बाद इस बार सर्दी भी रिकार्ड तोड़ेगी। ला नीना के प्रभाव से दिसंबर, जनवरी और फरवरी के दौरान दिल्ली- पूरे उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत में कड़ाके की ठंड पड़ेगी। इस दौरान दिल्ली-एनसीआर के साथ उत्तर भारत के कुछ और राज्यों में भी न्यूनतम तापमान दो से तीन डिग्री तक जा सकता है। शीत लहर और कोहरे के दिन भी इस साल कहीं अधिक रहने के आसार हैं।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस साल सर्दी की दस्तक अक्टूबर में ही हो गई थी। तापमान में लगातार गिरावट आ रही है तो कोहरा पड़ना भी जल्दी ही शुरू हो गया। पहाड़ों पर बर्फबारी भी समय से पूर्व ही शुरू हो गई। इस समय भी उत्तर पश्चिमी और दक्षिणी पूर्वी हवाओं के टकराने से मध्य प्रदेश, दक्षिणी राजस्थान, गुजरात और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश चल रही है। दिल्ली में अक्टूबर में अंत में रात का तापमान 58 साल में सबसे ठंडा दर्ज किया गया।

हवा की गति 21 या 22 नवंबर से एक बार फिर रफ्तार पकड़ सकती है। उस दौरान उत्तर पश्चिमी मध्यम हवाएं मामूली राहत दे सकती हैं, लेकिन जब तक हवाएं लगातार चलती रहती हैं और क्षेत्र में बारिश होती है, तब तक महत्वपूर्ण राहत की उम्मीद नहीं है। इस प्रकार, उच्च प्रदूषण स्तरों से महत्वपूर्ण राहत की उम्मीद नहीं है।

देश भर में बने मौसमी सिस्टम 

बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन उत्तरी तमिलनाडु तट को पार कर गया है और अब यह आंतरिक तमिलनाडु और रायलसीमा के आसपास के हिस्सों पर बना हुआ है। यह आज दोपहर या शाम तक कमजोर होकर गहरे निम्न दबाव में बदल जाएगा। एक अन्य निम्न दबाव का क्षेत्र पूर्वी मध्य अरब सागर के ऊपर है और संबंधित चक्रवाती परिसंचरण औसत समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर तक फैला हुआ है। यह तट से दूर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा और एक गहरे निम्न में बदल सकता है। मध्य अरब सागर के ऊपर कम दबाव के क्षेत्र से जुड़े चक्रवाती परिसंचरण से ट्रफ रेखा मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों तक उत्तरी महाराष्ट्र और दक्षिण गुजरात होकर गुजर रही है।

पिछले 24 घंटों के दौरान देश भर में हुई मौसमी हलचल

पिछले 24 घंटों के दौरान, उत्तरी तमिलनाडु और रायलसीमा में मध्यम से भारी और एक या दो स्थानों पर बहुत भारी बारिश हुई। आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तट, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में हल्की से मध्यम बारिश हुई और कुछ स्थानों पर भारी बारिश हुई।

सौराष्ट्र और कच्छ के कुछ हिस्सों, मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों, मध्य महाराष्ट्र, कोंकण और गोवा, मराठवाड़ा के कुछ हिस्सों, केरल के कुछ हिस्सों और तटीय आंध्र प्रदेश के बाकी हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई।उत्तर प्रदेश के पश्चिम और मध्य भागों, दक्षिण गुजरात, लक्षद्वीप, तेलंगाना और तटीय कर्नाटक में हल्की बारिश हुई।

अगले 24 घंटों के दौरान मौसम की संभावित गतिविधि

अगले 24 घंटों के दौरान, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा के कुछ हिस्सों और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में मध्यम से भारी बारिश संभव है। तमिलनाडु, केरल, तटीय कर्नाटक और कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के अलग-अलग हिस्सों में एक या दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ कहीं-कहीं भारी भारी हो सकती है।

मध्य प्रदेश, विदर्भ, मराठवाड़ा, तेलंगाना, दक्षिण छत्तीसगढ़, दक्षिण ओडिशा और लक्षद्वीप के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश के साथ एक दो स्थानों पर मध्यम वर्षा संभव है।