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जाने होगी पितरों की विदाई, इस दिन भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां

CH Silven
22 Sep 2022 6:28 AM GMT
जाने होगी पितरों की विदाई, इस दिन भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां
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हिंदू धर्म में पितृपक्ष का बहुत महत्व है. प्रत्येक वर्ष की भाद्रपद की पूर्णिमा तिथि से लेकर आश्विन मास की अमावस्या तक पितृपक्ष रहता है.

पंचकूला :- हिंदू धर्म में पितृपक्ष का बहुत महत्व है. प्रत्येक वर्ष की भाद्रपद की पूर्णिमा तिथि से लेकर आश्विन मास की अमावस्या तक पितृपक्ष रहता है. इन दिनों दान करना पुण्य का काम माना जाता है. पितृपक्ष के दौरान लोग अपने पितरों का श्राद्ध निकालते हैं. अबकी बार पितृपक्ष 10 September से प्रारंभ होकर 25 सितंबर तक रहने वाला है. यदि आपने अभी तक अपने पितरों का श्राद्ध नहीं किया है तो पिंडदान करने का यह Last अवसर है. ज्योतिष शास्त्रों की माने तो सर्व पितृपक्ष की अमावस्या के दिन यह 5 गलतियां भूल कर भी नहीं करनी चाहिए.

भूलकर भी ना काटे बाल और नाखून

राहु पितृपक्ष के दौरान किसी को भी अपने बाल और नाखून नहीं कटवाने चाहिए. ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार ऐसी मान्यता है कि यदि इस दिन आप बाल और नाखून कटवाते हैं तो आपको पितृपक्ष के भयंकर परिणामों को भुगतना पड़ सकता है. प्राचीन मान्यता के अनुसार पितृपक्ष अमावस्या के दिन कोई भी नई वस्तुएं खरीद कर घर पर नहीं लानी चाहिए.

दरवाजे पर आए किसी भी व्यक्ति को खाली हाथ न भेजें

सर्व पितृपक्ष अमावस्या के दिन दान- पुन करना बेहद अच्छा माना जाता है, इस दिन यदि कोई आपके द्वार पर दान दक्षिणा लेने आता है, तो उसे भूलकर भी खाली हाथ न जाने दे. ऐसे लोगों को अपनी क्षमता अनुसार आटा, चावल का दान करना चाहिए. इस दिन भूलकर भी पितरों को नाराज नहीं करना चाहिए आपकी छोटी सी गलती आपकी पितरों को नाराज कर सकती है.

किन-किन पितरों का निकालें श्राद्ध

हमें अपने पितरो का श्राद्ध उनकी मृत्यु तिथि के आधार पर ही करना चाहिए और यदि हम अपने किसी पितर की मृत्यु तिथि भूल गए हैं या उनकी मृत्यु अमावस्या के दिन हुई हो तो उनका श्राद्ध सर्व पितृ अमावस्या के दिन किया जाता है. इसलिए सभी पितरों का श्राद्ध उनकी मृत्यु तिथि के आधार पर ही करना चाहिए.

इस दिन भूलकर भी ना करें इन चीजों का सेवन

सर्व पितृपक्ष के दौरान कुछ चीजें वस्तुएं होती है, जिनका हमें भूल कर भी सेवन नहीं करना चाहिए. इस दिन हमें केवल साधारण और सात्विक भोजन भी करना चाहिए. इस दिन मांस, मछली, अंडा, मदिरा आदि के सेवन से बचना चाहिए. इसके अलावा प्रतिदिन खाने में प्रयोग किए जाने वाले लहसुन, प्याज और तामसिक भोजन खाने से भी बचना चाहिए.

भूलकर भी ना करें गरीबों का अपमान

इस दिन भूलकर भी किसी गरीब व्यक्ति को अपशब्द बोलकर उनका अपमान नहीं करना चाहिए. यदि आप ऐसा करते है तो आपको पितरों का आशीर्वाद नहीं मिल पाएगा. गाय, कुत्ता, चीटी, कौवा को भी नुकसान पहुंचाने से बचना चाहिए. बल्कि इस दिन गाय, कुत्ता, चींटी, कौवा को खाने के लिए दाने, आटा डालना चाहिए.

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