Rajesh Khanna ने कबूल करते हुए कहा, मैं खुद को भगवान समझने लगा था

राजेश खन्ना का रुतबा ऐसा था कि लोग कहते थे कि ‘ऊपर आका, नीचे काका’। जिस एक्टर के इस कदर चाहने वाले हो, जिसके घर के बाहर निर्माता-निर्देशक लाइन लगाकर खड़े रहते हो उसका दिमाग थोड़ा बहुत खराब हो जाए तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी।
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Rajesh Khanna ने कबूल करते हुए कहा, मैं खुद को भगवान समझने लगा था

राजेश खन्ना ने काफी मेहनत से फिल्म इंडस्ट्री में सफलता पाई थी। उनकी मेहनत और शख्सियत का जादू दर्शकों के सिर चढ़ कर ऐसा बोला कि राजेश खन्ना हिंदी सिनेमा के पहले सुपर स्टार बन गए।

कई युवा उनसे इतने प्रेरित हुए कि उन्हीं की तरह फिल्म इंडस्ट्री में हाथ आजमाने मुंबई पहुंचें। कई सफल भी हुए कई असफल भी। एक इंटरव्यू में अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) ने भी माना था कि वह राजेश खन्ना से बेहद प्रभावित थे और फिल्मों में आने की प्रेरणा उनसे ही मिली थी।
 
राजेश खन्ना का रुतबा ऐसा था कि लोग कहते थे कि ‘ऊपर आका, नीचे काका’। जिस एक्टर के इस कदर चाहने वाले हो, जिसके घर के बाहर निर्माता-निर्देशक लाइन लगाकर खड़े रहते हो उसका दिमाग थोड़ा बहुत खराब हो जाए तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी।

आलम ये था कि मुहमांगी रकम देने के लिए फिल्ममेकर तैयार रहते थे, क्योंकि सबको पता था कि राजेश पर पैसा लगाने का मतलब मालामाल हो जाना है।

राजेश खन्ना ने सफलता-असफलता दोनों देखी
कहते हैं कि जब इंसान बहुत नाम-दाम कमा लेता है तो उसका अहंकार भी बढ़ जाता है। राजेश की सफलता चरम पर थी तो धीरे-धीरे उनकी मनमानी करने लगे। एक्टर ने उस समय की कई फिल्मों को ठुकरा दिया था।

जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा। राजेश खन्ना की आदतों की वजह से मनमोहन देसाई, ऋषिकेश मुखर्जी और शक्ति सामंत जैसे कई बड़े फिल्म डायरेक्टर उन्हें अपनी फिल्मों में लेना छोड़ने लगे थे। इस तरह एक दिन ऐसा आया कि उनका स्टारडम छिन गया।

 
राजेश खन्ना खुद को भगवान समझने लगे थे
राजेश खन्ना को भले ही अहंकारी और समय का ख्याल नहीं रखने वाला माना जाता है लेकिन वह दिल के बहुत साफ भी थे।  मूवी मैग्जीन को दिए एक इंटरव्यू में राजेश खन्ना ने अपना दिल खोलकर रख दिया था।

अपने तूफानी स्टारडम से नाकामी के अंधेरों तक को याद करते हुए कबूल किया था कि ‘मैं अपने आप को भगवान के बराबर समझने लगा था। मुझे अब भी वो पल याद है जब मुझे अंदाजा हुआ कि जबरदस्त सफलता आपको किस तरह हिला कर रख देती है…।अगर आप पर इसका असर नहीं होता तो आप इंसान नहीं हैं’।

राजेश खन्ना को सफलता ने हिलाकर रख दिया था
राजेश ने आगे कहा कि ‘फिल्म ‘अंदाज’ के बाद बैंगलोर में विधानसभा में लॉटरी ड्रा हुआ था। दूर-दूर तक मुझे बस लोगों के सिर नजर आ रहे थे। मुझे ऐसा लग रहा था कि वो रोमन साम्राज्य का कोई स्टेडियम है।

वो मंजर देखकर मैं बच्चों की तरह रो पड़ा था…फिर मुझे नाकामी की ठोकर लगी तो मैंने शराब का सहारा ले लिया ‘।