हरियाणा में अब झटपट बनेगा जाति प्रमाण पत्र, नहीं काटने पड़ेंगे दफ्तरों के चक्कर, जानिये नया फॉर्मूला ?

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caste certificate

हरियाणावासियों के लिए बहुत बड़ी राहत की खबर आई है। बता दें कि, अब हरियाणा के रहने वाले किसी भी नागरिक को जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं हैं। जी हां, 1 दिसंबर से ऐसी व्यवस्था शुरू की जा रही है जिससे जाति प्रमाण पत्र अपने आप जनरेट हो जाएगा। ये जानकारी मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने गुरुवार को एक वीडियो कॉंफ्रेंस के माध्यम से जिलाधिकारियों के साथ बातचीत के दौरान दी।

सीएम ने कही ये बात-

इस बैठक के दौरान मुख्यमंत्री खट्टर ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि कास्ट वेरीफिकेशन कार्य अभी 60 प्रतिशत पूरा हो पाया है। उन्होंने कहा कि इस शेष बचे कार्य को 15 दिसंबर तक पूरा करना है।

साथ ही मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने यह भी बताया कि परिवार पहचान पत्र बनाने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य है। हरियाणा के अलावा भारत देश में ही नहीं बल्कि विश्व में ऐसी कहीं भी व्यवस्था नहीं है, जहां पर परिवार पहचान पत्र बनाए गए हों।

अन्य मिलने वाली सुविधाएं-

सीएम ने कहा कि परिवार पहचान पत्र से पात्र व्यक्तियों को सरकार की योजनाओं का समय पर आसानी से लाभ मिल सकेगा। इसी प्रकार से 18 साल की आयु पूरी होने पर वोटर कार्ड बन जाएगा।

उन्होंने कहा कि इसकी मदद से दिव्यांगों की पहचान व वेरीफिकेशन की जा रही है, जिसका 28 प्रतिशत कार्य हो चुका है।

खाद की कालाबाजारी पर लगेगी लगाम-

सीएम ने जिलाधिकारियों को हरियाणा में खाद की ब्लैक मार्केटिंग को रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डीएपी की कालाबाजारी व ब्लैक मार्केटिंग किसी भी सूरत में नहीं होनी चाहिए।

अधिकारियों को निर्देश मिले हैं कि प्रदेश की खाद पड़ोसी प्रदेशों में न जाने पाए, इसके लिए पूरी तरह निगरानी की जाए।

सीएम ने बताया कि खाद का वितरण फसल बीमा योजना के तहत पंजीकृत फसल के अनुरूप किया जाए। उन्होंने कहा कि डीएपी का सही ढंग से वितरण के साथ.साथ किसानों को फास्फोरस खाद के विकल्प खाद जैसे सिंगल सुपर फास्फेट एनपी व एसएसपी के प्रयोग के बारे में जागरूक करें।