पीएम किसान सम्मान निधि के लिए अगर किया ये काम तो झेलना पड़ सकता है बड़ा नुकसान!

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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत भारत सरकार देशभर के करोड़ों किसानों को हर साल 6 हजार रुपये प्रदान करती है। यह राशि दो-दो हजार करके तीन बार किसानों के खाते में दी जाती है। इस साल की दो किस्त किसानों के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर की जा चुकी है, जबकि तीसरी राशि सरकार अगले महीने दे सकती है। रिपोर्ट्स की मानें तो 15 दिसंबर तक पीएम किसान योजना की 10वीं किस्त बैंक खातों में भेजी जा सकती है।

योजना के तहत कई फ्रॉड मामले दर्ज-

जब से पीएम किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत हुई है, तब से काफी संख्या में किसानों को लाभ मिल चुका है। हालांकि, इस बीच कई फ्रॉड के मामले भी सामने आए हैं और इसमें बढ़ोतरी भी दर्ज की गई है।

कई राज्यों में जो किसान इस स्कीम के लिए एलिजिबल नहीं हैं, वे भी इसका लाभ ले रहे हैं। बता दें कि जिन लोगों की सरकारी नौकरी या फिर अच्छा बिजनेस है, वे पीएम किसान सम्मान निधि के लिए योग्य नहीं हैं।

इन लोगों को लौटानी पड़ेगी राशि-

अगर किसान पीएम किसान योजना के लिए गलत जानकारी भर रहा है तो उसका रजिस्ट्रेशन कैंसिल हो जाएगा। यदि किसी ने गलत दस्तावेज लगाए हैं तो उसे नुकसान झेलना पड़ सकता है।

किसान को सिर्फ झटका नहीं लगेगा, बल्कि उससे स्कीम के तहत दिया जाने वाला पैसा भी वापस ले लिया जाएगा। उसे इस योजना के तहत लिए गए पैसे को वापस करने होंगे।

ऐसे में अगर आप योजना का लाभ उठाने योग्य नहीं हैं तो फिर गलती से भी राशि के लिए गलत जानकारी देकर रजिस्ट्रेशन न करवाएं।

कौन-कौन नहीं उठा सकता योजना का फायदा?

कई अन्य ऐसे प्रावधान हैं, जो पीएम किसान योजना का लाभ उठाने के लिए अहम हैं। यदि कोई किसान अपनी कृषि जमीन का इस्तेमाल खेती के लिए नहीं, बल्कि बाकी कामों के लिए कर रहा है या दूसरों के खेतों में खेती का काम करता है, तो वह इस योजना का लाभ उठाने के पात्र नहीं है।

पति और पत्नी दोनों ही एक साथ पीएम किसान सम्मान निधि योजना का फायदा नहीं उठा सकते हैं। वहीं, अगर कोई खेत का मालिक है, लेकिन वह सरकारी कर्मचारी है या सेवानिवृत्त, वर्तमान या पूर्व सांसद, विधायक, मंत्री हैं तो ऐसे लोग भी किसान योजना के लाभ के लिए पात्र नहीं होगा।