जनधन खातो के लिए एक और बड़ा Update! फटाफट इस तरह खुलवा सकते है अपना खाता

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Pradhan Mantri Jan Dhan Yojana

Pradhan Mantri Jan Dhan Yojana (PMJDY) के तहत खुले बैंक अकाउंट्स में कुल जमा राशि 1.5 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गई है। फाइनेंस मिनिस्ट्री द्वारा हाल में जारी डेटा के मुताबिक दिसंबर 2021 के आखिर में 44.23 करोड़ से अधिक जनधन अकाउंट्स में 1,50,939.36 करोड़ रुपये जमा थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त, 2014 को इस योजना की घोषणा की थी। इस योजना का लक्ष्य 18 साल से अधिक आयु के देश के हर नागरिक को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ना है। वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) से जुड़ी इस योजना ने पिछले साल अगस्त में सात साल पूरे किए।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के दिशा-निर्देशों के मुताबिक Jan Dhan Accounts सहित सभी बेसिक सेविंग बैंक डिपॉजिट अकाउंट होल्डर्स को कोई मिनिमम बैलेंस मेंटेन करने की जरूरत नहीं होती है। इस योजना के तहत सरकार बेहद सस्ते दरों पर लोगों को विभिन्न फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स और सर्विसेज उपलब्ध कराती है। इतना ही नहीं जनधन खाताधारकों को स्कॉलरशिप, सब्सिडी, पेंशन और कोविड राहत फंड डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए सीधे उनके बैंक खातों में मिलती है।

वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने वाली इस योजना ने पिछले साल अगस्त में क्रियान्वयन के सात साल पूरे किए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में अपने स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में जनधन योजना शुरू करने की घोषणा की थी।

वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, कुल 44.23 करोड़ जनधन खातों में से 34.9 करोड़ खाते सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में और 8.05 करोड़ खाते क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों में हैं। इसके अलावा शेष 1.28 करोड़ खाते प्राइवेट सेक्टर के बैंक में ओपन कराएं गए हैं।

इस योजना के तहत देश का कोई भी ऐसा व्यक्ति अकाउंट खुलवा सकता है जिसका अभी किसी बैंक में खाता नहीं है। 10 साल से ज्यादा उम्र के नाबालिग भी इस योजना के तहत अकाउंट खुलवा सकते हैं।

अगर आपका अभी किसी भी बैंक में कोई अकाउंट नहीं है तो https://pmjdy.gov.in/home से अंग्रेजी या हिंदी में उपलब्ध फॉर्म को डाउनलोड कर लीजिए। अब आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, मनरेगा कार्ड, पासपोर्ट और पैन जैसे डॉक्युमेंट्स के साथ किसी भी बैंक की निकटतम शाखा में जाइए। अब भरे हुए फॉर्म और इन डॉक्युमेंट्स की मदद से आप अकाउंट खुलवा सकते हैं।

इसके अलावा पीएमजेडीवाई के 31.28 करोड़ लाभार्थियों को रुपे कार्ड जारी किया गया है। यहां उल्लेखनीय है कि समय के साथ रुपे कार्ड की संख्या और इसका इस्तेमाल बढ़ा है। इस योजना के पहले साल में 17.90 करोड़ खाते खोले गए थे। किसी खाताधारक द्वारा किए गए लेनदेन के आधार पर जन धन खातों में शेष या बैलेंस रोजाना के आधार पर बदल सकता है। किसी दिन खाते में ‘बैलेंस’ शून्य पर भी आ सकता है।

सरकार ने पिछले महीने संसद को सूचित किया था कि आठ दिसंबर, 2021 तक जनधन खातों में शून्य शेष या बैलेंस वाले खातों की संख्या 3.65 करोड़ थी। यह कुल जन धन खातों का 8.3 फीसदी है। आंकड़ों के मुताबिक, 29.54 करोड़ जनधन खाते ग्रामीण और अर्द्ध-शहरी बैंक शाखाओं में हैं। 29 दिसंबर, 2021 तक कुल जन धन खाताधारकों में से 24.61 करोड़ महिलाएं थीं।