सराहनीय: भात भरने वाले नहीं थे मामा, पुलिस ने भरा मायरा, जानिये

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Police set a new example by filling bhat in Sirohi of Rajasthan,भात भरने वाले नहीं थे मामा, पुलिस ने भरा मायरा

हाल ही में राजस्थान में पुलिस का एक उदारता वाला चेहरा सामने आया है। पुलिस ने महिला पुलिस थाने में लांगरी का कार्य कर रही विधवा की बेटी का मायरा वीवार को भर कर एक नई मिसाल पेश की है।

राजस्थान के सिरोही में पुलिस का एक नेक काम सभी की नजीर बना हुआ है। यहां महिला पुलिस थाने में लांगरी का कार्य कर रही विधवा की बेटी का मायरा वीरवार को पुलिस ने भर प्रेरणा की एक नई मिसाल पेश की है। मायरे में महिला पुलिस थानेए एससी.एसटी सेल और डीएसपी कार्यालय ने पूरा सहयोग किया। 


 
मायरे में 8 तोला वजनी चांदी के जेवर, 11 हजार रुपए नकद, कपड़े और बर्तन दिए गए। परिवार में मायरा भरने वाला कोई नहीं था। ऐसे में पुलिस ने मायरा भरा तो सभी के चेहरे खुशी से खिल उठे। महिला पुलिस थाने की सीआई दीक्षा चौहान ने बताया कि महिला पुलिस थाने में पिछले लंबे समय से लांगरी के रूप में सेवा कर रही विधवा शांति देवी की बेटी गीता का विवाह 13 मई को है। 

शांति देवी के पति की मौत काफी समय पहले हो गई थी। इसके चलते उनकी आर्थिक स्थिति खराब होने पर उन्होंने लांगरी बनकर महिला थाने में सेवा देनी शुरू की। शादी की तिथि निश्चित होने पर मायरा का सवाल उठा। मायरा भरने के लिए परिवार में किसी के नहीं होने की जानकारी महिला पुलिस थाने के स्टाफ को लगने पर सीआई दीक्षा चौहान और सेकंड अधिकारी सब इंस्पेक्टर प्रभु दयाल सैन ने तुरंत स्टाफ से बातचीत कर मायरा भरने का फैसला लिया।


 
पुलिस वालों ने मायरा के तौर पर 8 तोला वजनी चांदी के जेवरए 11 हजार रुपए नकदए कपड़े और बर्तन लेकर तथा एससी.एसटी सेलए डीएसपी कार्यालय की ओर से 5000 रुपए अन्य सामान लेकर शांति देवी के घर पहुंच गए। वहां सभी का फूल माला और नारियल से स्वागत किया गया। इसके बाद में पुलिस स्टाफ ने मायरा भरने की रस्म अदा की। 

मामले का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। वहीं, महिला पुलिस थाने की ओर से मायरा भरने की सूचना मिलने पर भाटकड़ा क्षेत्र के कई नागरिक मौके पर पहुंचे और उन्होंने भी पुलिस स्टाफ का आभार जताया। इस दौरान महिला पुलिस थाने के हेड कॉन्स्टेबल सकाराम और वागा राम तथा महिला कॉन्स्टेबल रेखाए सुंदर डोडी सहित पूरा स्टाफ मौजूद रहा।