दो रुपए में मिलेगा एक लीटर स्वच्छ व शुद्ध पानी, आईआईटी कानपुर ने बनायी डिवाइस

अब आपको शुद्ध पानी मात्र दो रुपए में उपलब्ध होगा। आईआईटी ने एक ऐसी डिवाइस बनाई है, जिससे मात्र दो रुपए की लागत में पानी प्यूरीफाई हो जाएगा।
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दो रुपए में मिलेगा एक लीटर स्वच्छ व शुद्ध पानी, आईआईटी कानपुर ने बनायी डिवाइस

अब तक जिस पानी के लिए 20 से 50 रुपए तक की कीमत चुकानी होती थी, वह पानी अब मात्र आपकों दो रुपए में मिल जाएगा। इसके लिए आईआईटी कानपुर ने एक ऐसा उपकरण तैयार किया जो न सिर्फ पानी की अशुद्धियां बताएगा बल्कि उसे पीने योग्य भी बनाएगा। इसमें लागत सिर्फ दो रुपये प्रति लीटर की आएगी।
 
इस उपकरण का उपयोग सिर्फ पानी नहीं बल्कि डेयरी उत्पाद, जूस समेत सभी पेय पदार्थों में किया जा सकता है। आईआईटी के वैज्ञानिकों ने यह तकनीक यूएसए की एमआईटी के वैज्ञानिक के साथ विकसित की है। इसका नाम ‘ए वेसल एंड ए मेथड फॉर प्यूरीफाइंग वाटर एंड मॉनीटरिंग क्वालिटी ऑफ वाटर’ है। आईआईटी और एमआईटी यूएसए को संयुक्त रूप से पेटेंट दिया गया है। जल्द ही बाजार में उलब्ध होगा।

आईआईटी कानपुर द्वारा बनाई गई डिवाइस गंदे पानी की अशुद्धियां को बताएगी ही साथ ही पानी को भी शुद्ध कर देगी। लोगों के लिए जल्द ही बाजार में उपलब्ध होगा। इस पर संस्थान के पृथ्वी विज्ञान विभाग के डॉ. इंद्रशेखर सेन, संस्थान की इंक्यूबेटर कंपनी कृत्सनम टेक्नोलॉजी के फाउंडर के श्रीहर्षा ने एमआईटी के एमिली बैरेट हैनहॉसर, डॉ. रोहित एन कार्णिक, अनास्तासियोस जान हार्ड, माइकल बोनो, चिंतन एच वैष्णव के साथ मिलकर शोध किया है। स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता दुनिया की प्रमुख समस्याओं में से एक है। 844 मिलियन लोगों के पास पानी के बेहतर स्त्रोत है। इस उपकरण से दूषित पानी का भी उपयोग किया जा सकेगा। पानी की बचत के साथ स्वच्छ और शुद्ध पानी मिल सकेगा।

बिना बिजली के होगा इस्तेमाल

संस्थान के निदेशक प्रो. अभय करंदीकर ने बताया कि वैज्ञानिक विभिन्न समस्याओं को लेकर निरंतर शोध हो रहे हैं। शुद्धिकरण वेसल में एक रिजनरेबल द्रव्य होता है जो अशुद्धियों को सोखने और इसे नम या सूखे प्रारूप में संरक्षित करने में सक्षम होता है। अकार्बनिक दूषित मुक्त पानी का उत्पादन दो रुपये प्रति लीटर से भी कम लागत पर होता है। इसे बिजली के बिना भी इस्तेमाल जा सकता है और रखरखाव खर्च शून्य है। कम लागत लोगों को पानी मिल सकेगा।