आश्रम से सिलिंडर बरामदगी के मामले में रामपाल को तीन वर्ष की कैद व पांच हजार रुपये जुर्माना

 | 
st rampal das

बरवाला सतलोक आश्रम संचालक रामपाल को अदालत ने आवश्यक वस्तु अधिनियम के मामले में दोषी करार देते हुए 3 साल कैद व 5000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। उल्लेखनीय है कि 18 नवंबर 2014 को पुलिस ने करोंथा आश्रम में युवक की हत्या के एक मामले में रामपाल की गिरफ्तारी के लिए बरवाला सतलोक आश्रम में प्रवेश करने की कोशिश की थी तो पुलिस का रामपाल समर्थकों से टकराव हो गया था। टकराव के दो दिन बाद 20 नवंबर को रामपाल को गिरफ्तार कर लिया गया और आश्रम खाली करवा लिया गया था। टकराव के बीच छह लोगों की मौत हो गई थी। 

आश्रम में पुलिस द्वारा चलाए गए सर्च अभियान में गैस सिलेंडरों का अवैध जखीरा पकड़ा गया था। सर्च अभियान के दौरान आश्रम से 408 रसोई गैस सिलिंडर मिले थे। इनमें से 138 सिलिंडर भरे व बाकी खाली बरामद हुए थे। इन सिलिंडर से संबंधित किसी प्रकार का दस्तावेज पेश नहीं किया गया  था। इस मामले में पुलिस ने आश्रम संचालक रामपाल पर धोखाधड़ी व आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत केस दर्ज किया था। शुक्रवार को सेंट्रल जेल 2 में लगाई गई कोर्ट में रामपाल को 3 साल की सजा व 5000 रूपए का जुर्माना लगाया गया। बता दें कि सतलोक आश्रम को खाली करवाने के दौरान हुए टकराव से जुड़े हत्या की 2 मुकदमों में 11 अक्टूबर 2018 को अदालत रामपाल सहित 22 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुना चुकी है।