मानव मल सा फैला बैक्टीरिया आपकी सब्जी के जरिए दे सकता है गंभीर बीमारी

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भारत से फल और सब्जियां अमेरिका एक्सपाेर्ट की जाती हैं। मगर कुछ फल व सब्जियां यूएसए लेने से मना भी कर देता है क्याेंकि उन फलाें में वह बैक्टीरिया पाए जाते हैं। जाे किडनी तक खराब कर सकते हैं। मगर इसकी गंभीरता किसानाें काे नहीं पता है

देश से कई प्रकार के फल और सब्जियां अमेरिका एक्सपाेर्ट की जाती हैं। मगर कुछ फल व सब्जियां यूएसए लेने से मना भी कर देता है क्याेंकि उन फलाें में वह बैक्टीरिया पाए जाते हैं जाे किसी भी व्यक्ति किडनी तक खराब कर सकते हैं। मगर इसकी गंभीरता किसानाें काे नहीं पता है, ऐसे ही किसानाें काे जागरुक करने के लिए अमेरिका की प्राेड्यूस सेफ्टी एलाइंस काम कर रही है। यह संस्था विदेशाें में स्थिति विभिन्न विश्विविद्यालयाें के प्राेफेसर्स के साथ एक टीम ऐसे देशाें में भेज रही है जाे अमेरिका काे फल व सब्जियां सप्लाई करते हैं। विज्ञानी लगातार हर साल किसानों का ध्यान आकर्षित कर उन्हें जागरुकता प्रदान करते हैं।

यूएसए का प्राेड्यूस सेफ्टी एलाइंस किसानाें काे इसलिए जागरुक कर रहा है क्याेंकि यह प्राेडक्ट जब अमेरिका में जाएं ताे इस बैक्टीरिया से मुक्त हाें। भारत से अमेरिका फल व सब्जियां एक्सपाेर्ट किए जाते हैं इसके लिए किसानाें काे खेताें में वह प्रबंध करने हाेंगे ताकि बैक्टीरिया का प्रभाव न रहे। किसानाें काे बताया जा रहा है कि वह पशुओं के वेस्ट का सही तरह से कंपाेस्ट करें, खेताें में मानव मल काे उपज के स्थान पर न दबाएं। समय-समय पर पानी चैक कराएं। खेताें में ध्वनि तरंगाें वाले उपकरण, जालियां अादि लगाएं ताकि पशु न आ सकें। प्रशिक्षण लेने वाले इन किसानाें काे यह संस्था प्रमाणपत्र भी देगी।

फलाें व सब्जियाें में ईकाेली 015- एच 7, सलमाेनीला, लिस्टेरिया नामक बैक्टीरिया पाए जा सकते हैं। यह बैक्टीरिया मानव व पशुओं के मल में हाेते हैं। अगर खेताें में पशु मल कर देते हैं और इसके नीचे किसी सब्जी या फल का पौधा पनप रहा है ताे यह बैक्टीरिया उस पौधे के प्राेडक्ट में पहुंच जाएंगे। इसके साथ ही काेई पक्षी ऐसे मल काे खाता है और वह फल काे खा लेता है ताे उस फल में भी यह बैक्टीरिया पनप जाएंगे। ऐसे में अमेरिका उन ही सप्लायर्स के प्राेडक्ट खरीद रहा है जिनके पास वैक्टीरिया मुक्त हाेने का सर्टिफिकेट है।

अमेरिका में करीब 20 से 25 वर्ष पहले इन वैक्टीरिया ने काफी नुकसान किया था।इस बैक्टीरिया की वजह से किडनी खराब हाे सकती है, खून वाला डायरिया, निमाेनिया, पीलिया, हैजा आदि राेग हाे सकते हैं।