हरियाणा के इस IPS को किया नौकरी से बाहर, सीएम ने लगाई मोहर, जानिए क्या है वजह?

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हरियाणा के इस IPS को किया नौकरी से बाहर, सीएम ने लगाई मोहर, जानिए क्या है वजह?

आखिरकार आए दिन विवादों सुर्खियों में रहने वाले हरियाणा होमगार्ड में तैनात आईजी होमगार्ड ( आईपीएस अफसर ) को नौकरी से बाहर करने का वक्त आ गया है। आए दिन विवादों में घिरे हेमंत कलसन को लेकर राज्य सरकार की ओर से मुख्य सचिव, एसीएस गृह विभाग सहित कईं अफसरों की उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया गया था, उक्त कमेटी की ओर से स्थायी तौर पर रिटायर करने की सिफारिश कर दी गई है। उक्त सिफारिश को लेकर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने भी अपनी मुहर लगा दी है।

अक्सर नए विवादों में फंसने वाले आईजी होमगार्ड हेमंत कलसन ने दो दिन पहले पंचकूला सेक्टर छह सामान्य अस्पताल में पहुंचकर अच्छा खासा बखेड़ा खड़ा कर दिया था। इस दौरान उन्होंने स्टाफ नर्स व बाकी स्टाफ के साथ में दुर्व्यवहार किया था, इस दौरान वे नशे में थे। जिसके बाद में पंचकूला पुलिस ने मामला भी दर्ज कर लिया था। कलसन पर पहले भी गंभीर आरोप लगे थे। सभी विवादों को देखते हुए राज्य सरकार की ओर से एक मामलों की जांच पड़ताल व समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय कमेटी का गठन सरकार के मुख्य सचिव संजीव की अध्यक्षता में गठित की थी।

इस कमेटी में अतिरिक्त मुख्य सचिव होम राजीव अरोड़ा के अलावा डीजीपी पीके अग्रवाल व चंडीगढ़ डीजीपी परवीर रंजन शामिल थे। उक्त कमेटी ने राज्य सरकार को कलसन को जबरन रिटायरमेंट की सिफारिश कर दी है। अब इस कमेटी की सिफारिश के बाद में प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने भी इस पर अपनी मुहर लगा दी है।

2001 बैच के आईपीएस अफसर हैं कलसन

2001 बैच के आईपीएस अफसर हेमंत कलसन प्रदेश पुलिस सर्विस से पदोन्नति पाकर आईपीएस बने थे। कलसन के विरुद्ध एक नहीं बल्कि लगातार गंभीर आरोप लगते रहे, जिसके कारण कईं बार निलंबित भी किए गए अर्थात अपनी नौकरी के दौरान अधिकांश वक्त कलसन निलंबन की सजा भुगतते हुए नजर आए लेकिन कामकाज का तरीका नहीं बदला। कलसन पंचकूला में 22 अगस्त 2019 में गिरफ्तार भी किए गए। इसके साथ ही निलंबित भी हुए, इस बार एक महिला के घर में घुसकर दुर्व्यवहार छेड़छाड़ के आरोप लगे थे। इसके अलावा भी दो अन्य मामलों में उन पर शिकंजा कसा गया।

पिंजौर में एक घर में घुसकर महिला और उसकी बेटी से छेड़छाड़ करने, मारपीट करने के वीडियो भी वायरल हुई थी। एक बार चुनावी ड्यूटी पर तमिलनाडु पहुंचे आईजी रैंक अफसर बतौर पर्यवेक्षक गए थे। लेकिन हेमंत कलसन ने वहां पर जिस रेस्ट हाउस में ठहरे हुए वहां एक सुरक्षा गार्ड का हथियार छीनकर फायरिंग की थी। जिस मामले में भी निलंबित हुए थे, कुछ माह पहले ही उनके निलंबन पर रोक लगाई गई थी।

अब उनको प्री मैच्योर रिटायरमेंट देने की सिफारिश कमेटी द्वारा रुल 18 (3 ) आल इंडिया सर्विसेज डैथ कम रिटायरमेंट बैनिफट्स) रुल्स के तहत की जा रही है। जिसमें प्रावधान है कि राज्य सरकार जनहित में इस तरह के अफसर को रिटायर कर सकती है, तीन माह पहले नोटिस व सैलरी देकर कदम उठाया जा सकता है। इसमें उच्चस्तरीय कमेटी अफसर के पूरे कार्यकाल व कामकाज की समीक्षा के बाद में सिफारिश करती है। डीओपीटी की ओर से भी इसको लेकर कईं मामलों में कदम उठाया गया है।


पंचकूला छह सेक्टर अस्पताल में हंगामा और विवाद

अब ताजा मामले में कलसन ने पंचकूला सेक्टर छह अस्पताल में पहुंचकर शोरगुल व हंगामा किया, जिस पर वहां पैरामेडिकल स्टाफ ने उनकी वीडियो बना ली। आईजी होमगार्ड नशा मुक्ति वार्ड में भर्ती एक महिला के पास में शराब की बोतल, तंबाकू, गुटखा लेकर पहुंचे थे। उन्होंने इस दौरान महिला को जबरन साथ में ले जाने की कोशिश की थी। स्टाफ नर्स और स्टाफ ने रोका, तो उनके साथ में गाली गलौज शुरु कर दी। इस दौरान स्टाफ के बाकी युवाओं ने वीडियो बना ली, इस पर उसको भी धमकाया व डराया, जिसके बाद में पंचकूला पुलिस ने कलसन के विरुद्ध विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया था। कल्सन के विरुद्ध आईपीसी की धारा धारा 186, 294, 353, 354, 506 और 509 के तहत मामला दर्ज किया गया है। दूसरी तरफ हर बार की तरह से पंचकूला मामले में भी आईजी कलसन ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बोतल में शराब नहीं बल्कि जूस था। उन्होंने कर्मियों और नर्स पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए खुद भी शिकायत दी थी।