हरियाणा के इन शिक्षकों को मिलेगा मास्टर ग्रेड का लाभ, सुप्रीम कोर्ट ने लिया फैसला

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हरियाणा के इन शिक्षकों को मिलेगा मास्टर ग्रेड का लाभ, सुप्रीम कोर्ट ने लिया फैसला

शारीरिक शिक्षकों को मास्टर ग्रेड देने का रास्ता साफ हो गया है। उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश एस अब्दुल नजीर और जस्टिस विक्रम नाथ की बैंच ने हरियाणा सरकार की उस विशेष याचिका को रद कर दिया है जो उसने शारीरिक शिक्षकों को मास्टर ग्रेड नहीं देने के लिए डाली थी।

उच्चतम न्यायालय ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया है कि शारीरिक शिक्षकों को मास्टर ग्रेड देने का उच्च न्यायालय ने जो निर्णय दिया था वह उसमें हस्तक्षेप नहीं करेंगे। उच्च न्यायालय पहले ही निर्णय दे चुका है कि शारीरिक शिक्षकों को मास्टर ग्रेड दिया जाए। अब हजारों शारीरिक शिक्षकों को इस निर्णय से लाभ मिलेगा। रेवाड़ी निवासी सेवानिवृत्त शारीरिक शिक्षक मैनपाल सिंह 1986 से यह लड़ाई लड़ रहे थे।

37 साल की लड़ाई के बाद मिली जीत

पूर्व शारीरिक शिक्षक एसोसिएशन के जिला प्रधान एवं राज्य संरक्षक मैनपाल सिंह ने बताया कि शारीरिक शिक्षकों को मास्टर ग्रेड देने की मांग को लेकर सर्वप्रथम 1986 में उन्होंने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।

मैनपाल सिंह ने बताया कि करीब 37 साल की लड़ाई के बाद उन्होंने व केस में शामिल 87 साथियों ने इस लड़ाई को जीता है। 1976 के बाद लगे शारीरिक शिक्षकों को मास्टर ग्रेड का लाभ मिलेगा।