हरियाणा में बढ़ा बिजली संकट, 9 हजार मेगावाट तक पहुंची मांग, जानिए पूरी खबर

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हरियाणा में बढ़ा बिजली संकट, 9 हजार मेगावाट तक पहुंची मांग, जानिए पूरी खबर

हरियाणा पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (Haryana Power Corporation Limited) के अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि पूरे हरियाणा में बिजली (Haryana Electricity Crisis) की अधिकतम मांग बुधवार को लगभग 9 हजार मेगावाट तक पहुंच गई है. जबकि आपूर्ति में लगभग 1,500 मेगावाट की कमी आई है. अधिकारियों के अनुसार, हरियाणा की औसत मांग साल के इस समय लगभग 7 हजार मेगावाट रहती है. दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) के अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार शाम तक पूरे गुरुग्राम में चार से छह घंटे बिजली कटौती की गई. हालांकि, कोई भी बिजली अधिकारी खुलकर बोलने को तैयार नहीं था.


गुरुग्राम में सबसे ज्यादा घंटे बिजली आपूर्ति ठप
पावर कॉरपोरेशन (Haryana Power Corporation Limited) के अधिकारियों के मुताबिक, इस साल बिजली संकट पैदा होने के बाद से गुरुग्राम में सबसे ज्यादा घंटे आपूर्ति ठप रही है. अधिकारियों ने कहा कि गुरुग्राम (Gurugram Power Cut) के शहरी क्षेत्रों को अपर्याप्त बिजली आपूर्ति के कारण गुरुवार को सुबह 9.05 बजे से 10.05 बजे तक बिजली आउटेज का सामना करना पड़ा. क्योंकि शहर के सभी छह 66 केवीए सबस्टेशनों को बिजली की मांग पूरा करने के लिए एहतियात के तौर पर बंद करना पड़ा. अंचल-II के अधीक्षण अभियंता पीके चौहान ने बताया कि उनके अधिकार के सभी क्षेत्र भी बिजली संकट का सामना कर रहे हैं.

बिजली संकट से जूझ रही जनता
इस बीच, गुरुग्राम में न्यू पालम विहार के ब्लॉक जे, के और एन के निवासियों को बिजली संकट (Electricity Crisis) से जूझना पड़ा. क्योंकि इन क्षेत्रों में एक भूमिगत बिजली आपूर्ति केबल में खराबी आ गई, जिस कारण गुरुवार सुबह 8.30 बजे से बिजली कट गई थी. अधिकारियों ने कहा कि समस्या को लगभग ठीक कर लिया गया है और जल्द ही बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी.

हरियाणा में बढ़ी बिजली की मांग
हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) के अधिकार क्षेत्र में आने वाले जिलों ने गुरुवार को 43 सौ मेगावाट से 45 सौ मेगावाट के लोड शेयर की मांग की. वहीं गुरुग्राम ने 12 सौ से 13 सौ मेगावाट के अधिकतम लोड शेयर की मांग की. इस बीच, उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम लिमिटेड (UHBVN) के अधिकार क्षेत्र में आने वाले जिलों ने गुरुवार को लगभग 2200 मेगावाट बिजली की मांग की. वहीं इससे पहले मंगलवार को भी, हरियाणा में लगभग 8500 मेगावाट की मांग देखी गई, और अधिकारियों ने 7300 मोगावाट की आपूर्ति करने में कामयाबी हासिल की.