गुरुग्राम में घर में घुसकर 6 लोगों को मारी गोलियां, एक की मौत, भारी पुलिस बल तैनात

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gangwar in gurugram

दिल्ली से सटे गुरुग्राम में दिवाली की रात पटाखों की आवाज के बीच एक बड़ी घटना को अंजाम दिया गया। गुरुग्राम के कासन गांव में पांच-छह बाइक सवार बदमाशों ने एक घर में घुसकर पूजा कर रहे परिवार पर फायरिंग कर दी। जिसमें छह लोगों को गोलियां लगी गई, और एक की मौत हो गई जबकि पांच बुरी तरह घायल हो गए। घायलों को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। 

बदमाशों को पकड़ने के लिए क्षेत्र में कई जगहों पर नाकेबंदी की गई है। स्थानीय पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच की चार टीमों ने जांच शुरू कर दी है। मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार रात करीब आठ बजे बलराम सिंह, सोनू सिंह, रिश्तेदार राजेश सिंह, विकास सिंह, कसान के पूर्व सरपंच गोपाल सिंह के परिवार के हर्ष सिंह दीपावली की पूजा कर रहे थे। 

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इस दौरान पांच से छह बदमाश अंदर घुस गए। घर में घुसते ही उन्होंने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। बदमाशों ने यह सब इतनी तेजी से किया कि किसी को बचने या छिपने का मौका ही नहीं मिला। वहां मौजूद सभी छह लोगों को गोली मार दी गई। बदमाशों की गोली लगने से 21 वर्षीय विकास सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि गोली आठ साल के यश को लगी। सोनू सिंह की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। घटना के वक्त इलाके में दिवाली की आतिशबाजी हो रही थी। 

इस वजह से पड़ोसियों को फायरिंग की भनक नहीं लगी। घटना के बाद जब घर से चीख-पुकार व चीख-पुकार की आवाज सुनाई दी तो परिजन वहां दौड़ पड़े। घटना का शक गांव में ही रहने वाले बदमाश रिंकू पर लगाया जा रहा है। रिंकू ने मनीष समेत अपने कई अन्य साथियों की मदद से वारदात को अंजाम दिया। बताया जाता है कि रिंकू के भाई की कई साल पहले गोली लगने से मौत हो गई थी। वह अपने भाई की मौत के पूर्व सरपंच थे। 

गोपाल ने सिंह के पुत्रों को जिम्मेदार ठहराया। तभी से दुश्मनी चल रही है। वही मानेसर थाना प्रभारी निरीक्षक यशवंत सिंह का भी कहना है कि बदमाश रिंकू के पूर्व सरपंच श्री गोपाल सिंह के परिवार से दुश्मनी है। इससे उस पर शक है। इससे पहले भी दोनों परिवारों के बीच मारपीट हो चुकी है। जल्द ही पूरा सच सामने आ जाएगा।