कम्‍प्‍यूटर या लैपटॉप इसमें ड्राइव की शुरुआत C से ही क्‍यों होती है? Aऔर B ड्राइव क्‍यों नहीं होती?

कम्‍प्‍यूटर हो या लैपटॉप, इन्‍हें इस्‍तेमाल करते समय ड्राइव का प्रयोग जरूर किया होगा, पर कभी सोचा है कि कम्‍प्‍यूटर या लैपटॉप में ड्राइव की शुरुआत C से ही क्‍यों होती है। इसका नाम A या B क्‍यों नहीं रखा जाता। जानिए इसकी क्‍या है वजह?
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Why C is the first drive

लैपटॉप (Laptop) हो या डेस्‍कटॉप (Desktop), इन्‍हें इस्‍तेमाल करते समय ड्राइव का प्रयोग जरूर किया होगा। C ड्राइव को छोड़कर कम्‍प्‍यूटर में दी गईं अलग-अलग ड्राइव का इस्‍तेमाल यूजर अपनी सुविधा के मुताबिक करता है। पर कभी सोचा है कि कम्‍प्‍यूटर या लैपटॉप में ड्राइव की शुरुआत C से ही क्‍यों होती है। इसका नाम A या B क्‍यों नहीं रखा जाता। जानिए इसकी क्‍या है वजह? 


ड्राइव को ए या बी नाम न देने के पीछे की वजह है फ्लॉपी डिस्‍क। शुरुआती दौर के कम्‍प्‍यूटर में इंटरनल स्‍टोरेज नहीं होती थी। यूजर कम्‍प्‍यूटर में कुछ भी सेव नहीं कर पाता था। कम्‍प्‍यूटर पर किए गए काम को सेव करने के लिए फ्लॉपी डिस्‍क ड्राइव को जोड़ना पड़ता था। इसे ही A ड्राइव कहा जाता था। 

समय के साथ स्‍टोरेज को बेहतर बनाने के लिए दो तरह की फ्लॉपी डिस्‍क तैयार की गईं। पहली 5 1/4 इंच की और दूसरी 3 1/2 इंच की। इन्‍हें कम्‍प्‍यूटर से अटैच किया गया और नाम दिया गया है A ड्राइव और B ड्राइव। तब से ही कम्‍प्‍यूटर में फ्लॉपी के लिए दो ड्राइव रिजर्व रखी जाने लगी। 

फ्लॉपी क्‍या है अब इसे भी जान लीजिए। यह स्‍टोरेज का एक प्रकार है। इसमें मौजूद मैग्‍नेटिक स्‍टोरेज में डाटा स्‍टोर होता है। इसे धूल और स्‍क्रैच बचाना जरूरी होता है इसलिए इसे हमेशा एक कवर में रखा जाता है। करीब डेढ़ दशक पहले ही फ्लॉपी चलन से बाहर हो चुकी है। 

फ्लॉपी डिस्‍क की शुरुआत 1960 में हुई थी। पहली फ्लॉपी डिस्‍क 8 इंच की थी। बाद में इसे और बेहतर बनाया गया और इसका आकार घटाया गया। समय के साथ कम्‍प्‍यूटर में स्‍टोरेज सिस्‍टम विकसित किया गया और C ड्राइव को ऑपरेटिंग सिस्‍टम के लिए तैयार किया गया। वहीं, अन्‍य ड्राइव को यूजर अपनी सुविधा के मुताबिक इस्‍तेमाल कर सकता है, लेकिन सी ड्राइव को ऑपरेटिंग सिस्‍टम के लिए ही इस्‍तेमाल किया जाता है।