स्कूलों में अब यूनिफॉर्म नहीं जरूरी, केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, ट्रांसपोर्ट से लेकर खाने तक जानें नए नियम

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स्कूलों में अब यूनिफॉर्म नहीं जरूरी, केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, ट्रांसपोर्ट से लेकर खाने तक जानें नए नियम

देशभर में भयंकर गर्मी और लू की वजह से कई राज्‍यों में गर्मी की छुट्टियां पहले ही कर दी तो कई राज्यों में अभी स्कूल संचालित हो रहे। स्कूलों ने अपने कोर्स और सरकार के निर्देशों के अनुसार काम कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश समते कुछ राज्यों ने बढ़ते तापमान को देखते हुए स्कूलों के समय में तो बदलाव किए हैं। स्कूलों का समय सात घंटे से घटाकर चार से पांच घंटे कर दिया है। वहीं, इस बीच मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन, यानी केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने गर्मी को लेकर स्‍कूलों के लिए गाइडलाइन जारी की है।


केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा गर्मियों को देखते हुए गाइडलाइन जारी की गई है। इसमें यूनिफॉर्म से लेकर स्कूली बच्चों के खाने-पीने में एहतियात और ट्रांसपोर्ट सहित दूसरी चीजों के निर्देश दिए हैं। 

स्कूली बच्चे गर्मियों से बचाव के लिए अन्य ढीले-ढाले कपड़े भी पहन सकते हैं। वहीं, स्कूलों के निर्देश दिए गए हैं कि स्कूली वाहनों में क्षमता से अधिक बच्चे नहीं होने चाहिए। टिफिन में खाना ऐसा दिया जो जल्दी खराब न हो। बच्चों के लिए गर्मी में सेहतमंद हो। स्कूलों की कैंटीनों को यह सुनिश्चित करना होगा कि बच्चों को ताजा और गर्म खाना ही परोसा जाए।

स्कूल समय में भी बदलाव
स्कूल का समय सात बजे से लेकर दोपहर से पहले खत्म होना चाहिए। गर्मी को देखते हुए हर दिन स्कूल के घंटों की संख्या कम की जा सकती है। स्पोर्ट्स और दूसरी आउटडोर एक्टिविटी सुबह करवाने की सलाह दी गई है। स्कूल असेंबली को कम समय में खत्म कर क्लासेस शुरू करने का भी सुझाव है।


ऐसा होने चाहिए स्कूली वाहन
नए नियमों के अनुसार स्कूली बस और वैन में उतने ही स्टूडेंट्स बैठा सकते हैं, जितनी क्षमता हो। बस या स्कूल वैन को छाया यानी शेड में खड़ा करना होगा। बस में पीने का पानी और फर्स्ट ऐड किट की फैसिलिटी होनी चाहिए। पब्लिक ट्रांसपोर्ट से आने-जाने वाले बच्चों के पेरेंट्स उन्हें खुद लेने-छोड़ने आएं।

परीक्षा केंद्रों के लिए खास नियम
इन दिनों बोर्ड परीक्षा चल रही हैं। बच्चे एग्जामिनेशन हॉल में खुद की ट्रांसपेरेंट बॉटल ला सकते हैं। एग्जामिनेशन सेंटर पर भी पीने के पानी की सुविधा होनी चाहिए। एग्जामिनेशन हॉल में बच्चों के मांगने पर उनकी सीटों पर पानी दिया जाना चाहिए। इमरजेंसी के लिए सभी सेंटर्स को लोकल मेडिकल सेंटर से जोड़ा जाए। सभी केंद्रों फर्स्ट ऐड की सुविधा होना चाहिए।


आवासीय (हॉस्टल) वाले स्कूलों में हो ऐसी सुविधा
स्कूल में स्टाफ नर्स के पास इस मौसम से जुड़ी बीमारियों की दवाई होनी चाहिए। डॉर्मिटरी में खिड़कियों और दरवाजों पर पर्दे लगे होने चाहिए। बच्चों को नींबू पानी, छाछ और फ्रूट्स प्रॉपर दिया जाना चाहिए। बच्चों को स्पाइसी फूड की जगह लाइट फूड दिया जाना चाहिए। क्लास रूम, हॉस्टल और डाइनिंग हाल में पानी और बिजली हमेशा रहे। स्पोर्ट्स एक्टिविटी शाम के समय ऑर्गेनाइज की जानी चाहिए।

इन राज्यों इस तारीख से हो जाएंगी छुट्टियां
उत्तर प्रदेश: स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां 21 मई से शुरू होंगी और 30 जून तक रहेंगी। इससे स्टूडेंट्स को 41 दिन की छुट्टी मिलेगी।

मध्यप्रदेश: यहां 1 मई से 14 जून तक गर्मी की छुट्टी जारी रहेगी।
पंजाब: पंजाब सरकार ने भीषण गर्मी को देखते हुए सभी स्कूलों में 14 मई से गर्मी की छुट्टी घोषित कर दी है।

पश्चिम बंगाल: पश्चिम बंगाल सरकार ने सभी स्कूलों में 2 मई से गर्मी की छुट्टियां शुरू कर दी हैं। यह गर्मी की छुट्टी 15 जून तक जारी रहेगी।
महाराष्ट्र : महाराष्ट्र गवर्नमेंट ने क्लास 1-9 और क्लास 11 के स्टूडेंट्स के लिए 2 मई से 12 जून तक गर्मी की छुट्टियों की घोषणा कर दी है। नया सेशन 13 जून से शुरू होगा।