खाने का तेल के भाव में आई गिरावट, देखें कोनसे तेल के दाम में कितनी मिली राहत

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Edible Oil Prices
एक तरफ कोरोनावायरस (Coronavirus) और दूसरी तरफ महंगाई, आम आदमी की मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं ले रही है। जहां एक ओर सभी जरूरी सामान की कीमतें बढ़ रही हैं, वहीं दूसरी ओर कोरोना वायरस ने लोगों के काम-धंधे पर एक बार फिर नजर लगा दी है। साबुन से लेकर डिटर्जेंट तक और पेट्रोल-डीजल (Petrol-Diesel) से लेकर रसोई गैस तक, सब महंगा हो गया है। हालांकि, इस बीच एक ऐसी खबर भी आई है, जो निश्चित रूप से महंगाई के इस दौर में आपको बड़ी राहत पहुंचाने का काम करेगी। जी हां, खाद्य तेल (खाने का तेल) की खुदरा कीमतों में काफी गिरावट देखने को मिल रही है। यानी, खाने का तेल (Edible Oil) पहले के मुकाबले सस्ता हो गया है।

5 रुपये से लेकर 20 रुपये तक सस्ता हुआ खाद्य तेल
खाद्य तेल के दामों को लेकर केंद्र सरकार ने मंगलवार को कहा कि देशभर में खाद्य तेलों की खुदरा कीमतें वैश्विक बाजार के अनुरूप एक साल पहले की समान अवधि की तुलना में ऊंची हैं लेकिन अक्टूबर, 2021 के बाद से इनमें गिरावट देखी जा रही है।


167 मूल्य संग्रह केंद्रों के आंकड़ों के अनुसार, देशभर के प्रमुख खुदरा बाजारों में खाद्य तेलों की खुदरा कीमतों में 5 रुपये से लेकर 20 रुपये प्रति किलोग्राम तक की गिरावट आई है।

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार को मूंगफली तेल का अखिल भारतीय औसत खुदरा मूल्य 180 रुपये प्रति किलो, सरसों तेल का 184।59 रुपये प्रति किलो, सोया तेल का 148।85 रुपये प्रति किलो, सूरजमुखी तेल का 162।4 रुपये प्रति किलो और पाम तेल का 128।5 रुपये प्रति किलो था।

आंकड़ों में दर्शाया गया है कि 1 अक्टूबर, 2021 को प्रचलित कीमतों की तुलना में, मूंगफली और सरसों के तेल की खुदरा कीमतों में 1।50 रुपये से 3 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट आई है, जबकि सोया और सूरजमुखी के तेल की कीमतें अब 7-8 रुपये प्रति किलोग्राम नीचे आ चुकी हैं।

मंत्रालय के मुताबिक, अडाणी विल्मर और रुचि इंडस्ट्रीज समेत प्रमुख खाद्य तेल कंपनियों ने कीमतों में 15 से 20 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है।

जिन अन्य कंपनियों ने खाद्य तेलों की कीमतों में कमी की है, उनमें जेमिनी एडिबल्स एंड फैट्स इंडिया, हैदराबाद, मोदी नैचुरल्स, दिल्ली, गोकुल री-फॉयल एंड सॉल्वेंट, विजय सॉल्वेक्स, गोकुल एग्रो रिसोर्सेज और एन के प्रोटीन्स।

आखिर देश में कैसे सस्ता हुआ खाने का तेल
खाद्य तेल की कीमतों में आई इस कमी की दो मुख्य वजहें बताई जा रही हैं। पहली वजह ये है कि सरकार ने इंपोर्ट ड्यूटी में कटौती कर दी है। इसके अलावा दूसरी वजह ये है कि तेल की जमाखोरी पर भी अंकुश लगाया गया है। सरकार के इन फैसलों से जहां एक तरफ खाद्य तेल की खुदरा कीमतों में कमी आई है तो वहीं दूसरी तरफ तेल के दाम होने से आम जनता को भी काफी राहत मिली है।

आपको जानकर हैरानी होगी कि भारत, दुनियाभर में सबसे ज्यादा खाद्य तेल आयात करने वाले देशों में से एक है। भारत में खाद्य तेल की कुल खपत का 55 से 60 फीसदी तेल आयात किया जाता है। सरकार की कोशिश है कि देश में ही खाद्य तेल का उत्पादन बढ़ाया जाए ताकि दूसरें देशों पर हमारी निर्भरता कम हो सके।