महंगाई की मार- नाश्ते से लेकर डिनर तक सब महंगा, क्यों हुई रोजमर्रा की चीजें 30% तक महंगी, जानिए

अब महंगाई का असर आपके नाश्ते और डिनर की प्लेट पर दिखने लगा है। दरअसल रोजमर्रा की चीजें करीब 20 से 30 फीसदी तक महंगी हो गई है। पिछले तीन महीनों में बढ़ी महंगाई ने आम जनता की परेशानी बढ़ा दी है।
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everything is expensive

हर व्यक्ति अपना महीने का बजट (Budget) बनाकर चलता है, ऐसे में अगर एक भी चीज महंगी हो जाए, तो पूरा बजट गड़बड़ा जाता है। पहले ही पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी ने लोगों की जेब पर सीधा वार किया था। अपनी गाड़ी और बाइक से ऑफिस जाने वालों ने बस और मेट्रो से जाना शुरू कर दिया था। जिससे बजट बना रहे। लेकिन अब जरा सोचिए अगर नाश्ते से लेकर डिनर तक सब महंगा (Expensive) हो जाए, तो क्या होगा। दरअसल यह केवल होने नहीं वाला है, बल्कि इस महंगाई का असर आपके नाश्ते और डिनर की प्लेट पर दिखने लगा है। रोजमर्रा की चीजें करीब 20 से 30 फीसदी तक महंगी हो गई है। पिछले तीन महीनों में बढ़ी महंगाई ने परेशानी बढ़ा दी है।

नए साल की शुरुआत से ही महंगाई ने रुलाना शुरू कर दिया है, क्योंकि सिर्फ नाश्ते से लेकर डिनर तक की चीजें ही महंगी नहीं हुई है। बल्कि सर्फ, साबुन, हेयरऑयल समेत टूथपेस्ट भी महंगा हो गया है।


रोजमर्रा की चीजें 30% तक महंगी
रोजमर्रा के जरूरी सामानों में 30 फीसदी तक महंगाई बढ गई है। इस बढ़ते खर्च ने घर का बजट पूरी तरह से बिगाड़ दिया है। यानी की रोजमर्रा के जरूरी सामान पर खर्च के दामों पर ज्यादा पैसे चुकाने होंगे। एक रिपोर्ट के मुताबिक, रोजमर्रा की महंगी होती चीजें वैश्विक लैवल पर महंगी हुई है। जिसमें पॉम ऑयल से सबसे ज्यादा परेशानी बढ़ाई है।

पॉम ऑयल की कीमतें बढ़ी
नए साल में महंगाई की ऐसी मार पड़ी है कि, पॉम ऑयल की कीमत पिछले 1 साल में 50 से 60 फीसदी तक बढ़ा है। जबकि, गेहूं और चीनी की कीमतों में 10 से 12 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। फिलहाल महंगाई बढ़ने का अनुमान यह लगाया गया है कि, कच्चे माल की बढ़ती लागत के चलते कंपनी में इन प्रोडक्ट्स की कीमतों में बढ़ोतरी की है।

सर्फ से लेकर साबुन तक… सब महंगा
अगर बात साबुन की करें, तो पीयर्स साबुन के 125 ग्राम बार की कीमत 76 रुपये थी, वो अब 83 रुपये हो गई है। वहीं लाइफबॉय साबुन के 125 ग्राम पैक की कीमत 29 रुपये से बढ़ाकर 31 रुपये हो गई है।

पिछले दिनों ब्लूमबर्ग के आंकड़े सामने आये थे, जिसके मुताबिक, सामान बनाने में लगने वाले रॉ मटिरियल जैसे- क्रूड, मेलशियन चीनी के रेट, पॉम ऑयल में क्रमशः 60।06, 65 और 20 फीसदी की बढ़ोतरी दिखी थी। वहीं, रॉ मटिरियल के भाव बढ़ने से लागत भी बढ़ी है, जिसकी भरपाई करने के लिए कंपनियों ने अपने सामान के रेट बढ़ाए हैं।