बीमा कंपनी को 72 घंटे में फसल नुकसान की नही दी जानकारी तो नही मिलेगा मुवावजा

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Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana
Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana: बीमा कंपनी को फसल नुकसान की जानकारी उसके टोल फ्री नंबर या क्रॉप इंश्योरेंस ऐप के माध्यम से दी जा सकती है। किसान भाई बीमा कंपनी, कृषि कार्यालय या संबंधित बैंक को भी हानि प्रपत्र भरकर सूचना दे सकते हैं।

ओलावृष्टि या बेमौसम बारिश से कहीं भी फसलों का नुकसान (Crop Loss) होता है तो किसानों को अपने जिले में कार्यरत बीमा कंपनी को 72 घंटे में इसकी जानकारी देना जरूरी है। 

राजस्थान सरकार ने अपने सूबे के किसानों को कहा है कि जो लोग प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana) में शामिल हैं और उनकी फसलों को क्षति पहुंची है उन्हें कंपनियों को सूचना देनी होगी। वरना मुआवजा मिलने में कठिनाई होगी। 

राज्यभर से सोमवार शाम तक 10 हजार से अधिक ऐसी सूचनाएं फसल बीमा कंपनियों को मिल चुकी हैं। प्रदेश के कृषि मंत्री लालचन्द कटारिया ने सभी बीमा कंपनियों को टोल फ्री नंबर (Toll-free Number) 24 घण्टे निर्बाध रूप से कार्यरत रखने के निर्देश दिए हैं।

कटारिया ने साथ ही क्षेत्रीय अधिकारियों को प्रभावित एवं बीमित फसल के किसानों के आवेदन पत्र भराने के लिए पाबंद किया है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमित किसानों को मुआवजा (Compensation) तभी मिलता है जब वो समय से नुकसान की जानकारी संबंधित कंपनी को दे दें। 

कृषि मंत्री कटारिया ने बताया कि वर्तमान में मौसम की विपरीत परिस्थितियों के कारण किसानों की फसलों में नुकसान हुआ है। फसल बीमा योजना के तहत ओलावृष्टि व जलभराव के कारण बीमित फसल में नुकसान होने पर किसान को व्यक्तिगत आधार पर बीमा कवर उपलब्ध कराया गया है।

इस तरह से भी दी जा सकती है सूचना
कटारिया ने बताया कि फसल नुकसान की सूचना बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर या क्रॉप इंश्योरेंस ऐप के माध्यम से दी जा सकती है। इसके अलावा प्रभावित बीमित किसान जिलों में कार्यरत बीमा कंपनी, कृषि कार्यालय अथवा संबंधित बैंक को भी हानि प्रपत्र भरकर सूचना दे सकते हैं। 

राज्य में 10 जनवरी की शाम तक फसल नुकसान की 10041 सूचनाएं बीमा कंपनियों को प्राप्त हो चुकी हैं। अब तक खराबे की सूचना नहीं देने वाले किसान समय पर सूचना दर्ज कराएं ताकि योजना के प्रावधानों के मुताबिक बीमा लाभ दिया जा सके।

सीएम ने दिए निर्देश
उधर, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में जारी शीतलहर, पाले एवं ओलावृष्टि के कारण फसलों को हुए नुकसान को देखते हुए विशेष गिरदावरी कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने गिरदावरी का काम जल्द से जल्द पूरा करने को कहा है। रबी सीजन 2021-22 में बोई गई फसलों में हुए नुकसान की रिपोर्ट आपदा प्रबंधन विभाग को भेजी जाएगी।

प्रदेश के विभिन्न जिलों में शीतलहर, पाले एवं ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान की अभी सरकार को प्रारंभिक सूचना मिली है। इसके आधार पर मुख्यमंत्री ने विशेष गिरदावरी कर जल्द से जल्द रिपोर्ट भिजवाने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट के आधार पर मुआवजा दिया जाएगा।