मौसम अपडेट: हरियाणा, दिल्ली-NCR समेत कई जगहों पर बारिश की आशंका, देखें आगामी मौसम का हाल

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Weather Update: दक्षिणी हरियाणा, राजस्थान और एनसीआर-दिल्ली के सीमित इलाको में 20 नवंबर को बरसात होने की संभावना बन रही है। 18 नवंबर को पश्चिमी विक्षोभ मौसमी प्रणाली और अरब सागर में बने लो प्रेशर एरिया की वजह से बारिश का दौर सीमित इलाको में सक्रिय रहेगा। 

गुजरात एक ऐसा राज्य है जहां दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के बाद बारिश नहीं होती है। यह सबसे कम मौसम संवेदनशील क्षेत्र है। उत्तरी मौसमी सिस्टम गुजरात तक नहीं पहुँचती हैं। यहां तक कि प्रायद्वीपीय भारत के आसपास बनने वाली प्रणालियां भी किसी भी वर्षा से सुरक्षित दूरी पर हैं।

हालाँकि जब गुजरात के करीब अरब सागर में एक प्रणाली बनती है तो इस दौरान, इन क्षेत्रों में भी वर्षा होती है। इसी तरह, वर्तमान में अरब सागर के ऊपर अच्छी तरह से चिह्नित निम्न दबाव का क्षेत्र, जो कोंकण, उत्तरी गुजरात के तट तक अपनी पहुंच बना रहा है और गुजरात के अन्य हिस्सों पर प्रभाव डाल सकता है।

गुजरात के दक्षिणी हिस्सों जैसे वलसाड, सूरत, नवसारी, भरूच तक और यहां तक कि भावनगर तक जाने वाले शहरों में अच्छी बारिश के आसार हैं। इसके अलावा, अहमदाबाद, आणंद, वडोदरा, गांधीनगर आदि सहित मध्य गुजरात के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधि देखी जा सकती है। 19 से 20 नवंबर के बीच राज्य में बारिश की संभावना है। हालांकि महाराष्ट्र और एमपी क्षेत्र के करीब के क्षेत्रों में बारिश होगी, इस बीच नलिया, भुज, जामनगर, पोरबंदर, द्वारका सहित गुजरात के दूर के हिस्सों में बारिश नहीं होगी।

देश भर में बने मौसमी सिस्टम 

उत्तर तमिलनाडु और दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट के पास दक्षिण-पश्चिम और इससे सटे पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी पर एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। संबद्ध चक्रवाती परिसंचरण औसत समुद्र तल से 5.8 किमी तक फैला हुआ है और इसके जल्द ही एक डिप्रेशन में बदल जाने की संभावना है।

एक अन्य निम्न दबाव का क्षेत्र महाराष्ट्र तट के पास पूर्व मध्य अरब सागर के ऊपर है और संबंधित चक्रवाती परिसंचरण औसत समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर तक फैला हुआ है। यह पश्चिम उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा और अगले दो दिनों में एक गहरे निम्न दबाव में बदल सकता है।

एक ट्रफ रेखा अरब सागर के ऊपर कम दबाव के क्षेत्र से जुड़े चक्रवाती परिसंचरण से उत्तरी महाराष्ट्र तट से होते हुए दक्षिण गुजरात तट तक फैली हुई है। एक पश्चिमी विक्षोभ जम्मू-कश्मीर के उत्तरी हिस्सों और उत्तरी पाकिस्तान के आसपास के हिस्सों पर बना हुआ है।

पिछले 24 घंटों के दौरान देश भर में हुई मौसमी हलचल

पिछले 24 घंटों के दौरान, तमिलनाडु में मध्यम से भारी बारिश हुई। दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश और केरल में हल्की से मध्यम बारिश के साथ एक दो स्थानों पर भारी बारिश हुई। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, रायलसीमा, आंतरिक कर्नाटक के कुछ हिस्सों और कोंकण और गोवा में हल्की से मध्यम बारिश हुई। केरल, तटीय आंध्र प्रदेश के शेष हिस्सों, मध्य महाराष्ट्र, गुजरात के कुछ हिस्सों, दक्षिण राजस्थान और विदर्भ और मराठवाड़ा के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हुई।

अगले 24 घंटों के दौरान मौसम की संभावित गतिविधि

अगले 24 घंटों के दौरान, उत्तरी तमिलनाडु, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा के कुछ हिस्सों और दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। तमिलनाडु के शेष हिस्सों, तटीय कर्नाटक, लक्षद्वीप के कुछ हिस्सों और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश के शेष हिस्सों, तेलंगाना के कुछ हिस्सों, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र, दक्षिण राजस्थान, पश्चिम मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों और पूर्वी गुजरात के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश संभव है।

दक्षिण छत्तीसगढ़, दक्षिण ओडिशा, विदर्भ और मराठवाड़ा के अलग-अलग हिस्सों में हल्की बारिश संभव है।

इस प्रणाली से 18 तारीख को ही पूरे इलाके पर बादल अपना डेरा जमा लेंगे। इस मौसमी प्रणाली से राजस्थान का इलाका ज्यादा प्रभावित रहेगा। काफी दिनों से उत्तर व मध्य भारत विशेषकर हरियाणा, राजस्थान, एनसीआर-दिल्ली में मौसम शांत बना हुआ है। बिना किसी मौसमी हलचल के होने से न्यूनतम व अधिकतम तापमान में गिरावट हर रोज देखी जा रही है। लेकिन जल्द ही मौसम में बदलाव आने वाला है। 


आगामी बरसात का यह दौर उत्तर भारत पर 18 नवम्बर को आ रहे पश्चिमी विक्षोभ औऱ मध्य-पुर्वी अरब सागर में मौजूद लो प्रेशर एरिया के मिलने के कारण होगा। अरब सागर व बंगाल की खाड़ी से नमी युक्त हवाएं का मिलन पश्चिमी विक्षोभ होगा, जिसके कारण दोनों हवाओं में टकराव होगा, नतीजतन मैदानी इलाकों में गरज़ के साथ बरसात की गतिविधियां देखी जाएंगी। 


दक्षिणी हरियाणा विशेषकर जिला महेंद्रगढ़ के कुछ भागों में, रेवाड़ी, पलवल, फरीदाबाद, सोहना तावडू और एनसीआर दिल्ली का कुछ क्षेत्र पर यह प्रणाली प्रभाव डालेगी, जिस कारण से 20 नवंबर को हल्की सामान्य वर्षा होने की पूरी संभावनाएं बन रही हैं। 


किसानों को होगा फायदा, प्रदूषण में मिलेगी निजात इस बारिश का सबसे अधिक फायदा किसानों को मिलेगा। मौजूदा फसलों के लिए यह बारिश सोना साबित होगी। दूसरी राहत की बात यह है कि आमजन के लिए है कि यह बारिश वर्तमान में बढ़े हुए प्रदूषण में गिरावट भी लाएगी।जिससे इस एरिया का वायु गुणवत्ता सूचकांक सामान्य हो जाएगा। जिन किसानों भाइयों ने अभी बिजाई नहीं की है वह एक-दो दिन के लिए अभी बिजाई ना करें।