देश में सब्जियों की कीमतों में लगी आग, टमाटर के दाम आम आदमी की पहुंच से बाहर, देखें कितनी महंगी हुई सब्जियां

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Vegetable Price hike

देश भर में पेट्रोल डीजल की आसमान छूती कीमतों ने सर्दी के मौसम में सब्जियों के दाम में आग लगा दी है। आम आदमी को सब्जी के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है फिर भी सब्जियां उनकी पहुंच से बाहर होती जा रही है, देश के कई शहरों में टमाटर का भाव 150 रुपये प्रति किलोग्राम के पार पहुंच गया है। दक्षिण भारत के बड़े शहर हैदराबाद में टमाटर के दाम 120 रुपये प्रति किलोग्राम हो गए है। वहीं, चेन्नई में एक किलोग्राम टमाटर की कीमत 160 रुपये है।

आपको बता दें की उत्तर भारत में दिल्ली और उससे सटे इलाकों में टमाटर 100 रुपये प्रति किलोग्राम है। इसके अलावा मटर की कीमत 100 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। कारोबारियों का कहना है कि महंगे डीज़ल की वजह से ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट में बढ़ोतरी हुई है। साथ ही, दक्षिण राज्यों में बारिश के कारण फसल खराब हो गई है।

सब्जी विक्रेताओं का कहना है की सब्जियों की कीमतें बढ़ जाती है क्योंकि वे हाई फ्यूल कीमतों के साथ परिवहन पर निर्भर करती हैं। टमाटर का भाव 80 रुपये प्रति किलो, प्याज 30 रुपये प्रति किलो, ओकरा 80 रुपये प्रति किलो और मटर का भाव 100 रुपये प्रति किलो है। उनका कहना है की इसमें व्यापारियों का कमीशन 5 फीसदी है। सब्जियों की महंगाई से ग्राहक कम मात्रा में खरीदारी कर रहे हैं।


उत्तर भारत में मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा टमाटर की खेती होती है। वहीं, दक्षिण भारत में आंध्रप्रदेश, टमाटर का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है। कर्नाटक में भी टमाटर की काफी खेती की जाती है।

आम आदमी से बाहर हुआ टमाटर
दक्षिण भारत के राज्यों में बारिश के कारण फसल खराब होने से टमाटर की कीमतों में उछाल आया है। यहां टमाटर की बुवाई नवंबर से दिसंबर तक की जाती है। देश की राजधानी दिल्ली समेत कई शहरों में टमाटर के दाम 100 रुपये तक पहुंच गए हैं। इसके चलते टमाटर का भाव आम आदमी की पहुंच से बाहर हो गया है। शादियों के मौसम में मांग बढ़ने के चलते भी इसका भाव कम नहीं हो रहा है।

यहां 160 रुपये पहुंची टमाटर की कीमत
चेन्नई में टमाटर की कीमत 160 रुपये किलो तक पहुंच गई है। आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में बाढ़ के कारण टमाटर की फसल खराब होने से टमाटर के दाम आसमान पर पहुंच गए हैं कम पैदावार और ज्यादा मांग के साथ-साथ ट्रांसपोर्टेशन लागत में बढ़ोतरी से भी टमाटर में उछाल आया है। आवश्यक वस्तु की आपूर्ति में भारी कमी के कारण इसकी कीमत एक नई ऊंचाई पर पहुंच गई है। कोयम्बेडु थोक बाजार में सोमवार को टमाटर करीब डेढ़ गुना कम मिला। यह पिछले एक पखवाड़े में सबसे कम आवक में से एक है।