बारिश से रबी फसलों को मिल रहा हैं जबरदस्त फायदा, इस एक खास बात से किसान भी हैं बेहद खुश

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Rabi crops wheat benefited greatly with current rain in the most art of the country

हाल के कुछ दिनों से देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश (Rain) हुई है या हो रही है। इस बारिश से रबी फसलों (Rabi Crops) को जबरदस्त फायदा हो रहा है। इस सीजन में होने वाली बारिश गेहूं और सरसों के लिए काफी लाभकारी होती है। वहीं किसान इस बात से बेहद खुश हैं कि एक सिंचाई (Irrigation) पर खर्च होने वाला पैसा बच गया है।

अब किसान बारिश के बाद गेहूं की फसल में यूरिया का छिड़काव कर रहे हैं। एक किसान ने कहा कि इस समय बारिश की आवश्यकता थी और इसने हमें गेहूं की फसल के लिए सिंचाई का एक चक्र बचा लिया है। अब हम खेतों में यूरिया डाल रहे हैं। किसानों का कहना है कि इससे हमारी लागत में भी कमी आई है। उम्मीद करते हैं कि इसका लाभ हमें मिलेगा।

भारतीय गेहूं और जौ संस्थान (IIWBR) के कृषि वैज्ञानिक वर्तमान मौसम की स्थिति को गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद मानते हैं। वे कहते हैं कि जल्दी बोई जाने वाली किस्मों को तीसरी सिंचाई की आवश्यकता होती है, जबकि देर से बोई जाने वाली किस्मों को केवल दो सिंचाई की आवश्यकता होती है।


मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखें किसान

IIWBR के प्रधान वैज्ञानिक डॉ अनुज कुमार द ट्रिब्यून से बात करते हुए कहते हैं कि गेहूं की फसल में कोई भी कृषि कार्य करने से तीन दिन पहले मौसम पूर्वानुमान पर नजर जरूर डाल लें। इससे किसानों को फायदा होगा। वे कहते हैं कि इस समय बारिश से गेहूं की बंपर फसल में मदद मिल सकती है।

डॉ अनुज कुमार ने कहा कि गेहूं की फसल के लिए बारिश एक वरदान है क्योंकि इसने किसानों के लिए सिंचाई के एक चक्र को बचाया है। हालांकि उन्होंने किसानों को बारिश के बाद कुछ दिनों तक सतर्क रहने के लिए आगाह किया क्योंकि उच्च नमी से पीले रतुआ की घटना हो सकती है।

इस बार बंपर पैदावार की उम्मीद

वे कहते हैं कि किसानों को बारिश के बाद कुछ दिनों तक सतर्क रहने की जरूरत है। उच्च आर्द्रता से पीला जंग लग सकता है। बारिश के पानी में नाइट्रेट उपलब्ध होने के कारण बारिश से पौधे की ताकत में भी सुधार होता है। उन्होंने किसानों से जलभराव वाले क्षेत्र में फसल से अत्यधिक पानी निकालने की भी अपील की।

कृषि वैज्ञानिक ने कहा कि इस साल किसानों ने डीबीडब्ल्यू 303 और 187 की खेती बड़े क्षेत्र में की है, क्योंकि दोनों किस्में अधिक उपज देने वाली और रोग प्रतिरोधी हैं। साथ ही बारिश भी किसानों के हक में है। अगर आगे चलकर मौसम प्रतिकूल नहीं होता है तो किसानों को इस बार गेहूं की बंपर पैदावार मिल सकती है।