अब यहाँ सस्ती दर किराये पर मिलेंगे ट्रैक्टर, हल, रोटावेटर, ट्रॉली और थ्रेसर जैसे कृषि यंत्र, जानिए क्या हैं पूरी योजना

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Custom Hiring Centre
Custom Hiring Centre:राजस्थान के कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने जयपुर में 17 कस्टम हायरिंग सेंटरों के लिए ट्रैक्टर रवाना किए। तीन वर्ष में होंगे 1000 कस्टम हायरिंग सेंटर। किसानों को मिलेगा फायदा।

राजस्थान के कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने कहा कि ग्राम सेवा सहकारी समितियों में कस्टम हायरिंग सेन्टर (CHC-Custom Hiring Centre) की शुरुआत से किसानों (Farmers) को मदद मिलेगी। अब सस्ती दर पर कृषि यंत्र जैसे ट्रैक्टर (Tractor), हल, रोटावेटर, ट्रॉली, थ्रेसर आदि कृषि उपकरण बाजार से कम दरों पर किराये पर उपलब्ध होंगे। इससे किसानों को न तो महंगे कृषि यंत्र खरीदने होंगे बल्कि किराये पर मंगवाने के लिए भी दूर नहीं भटकना होगा। तीन वर्ष में 1000 कस्टम हायरिंग की स्थापना की जा रही है। कटारिया बृहस्पतिवार को जयपुर केन्द्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड की ओर से कस्टम हायरिंग सेंटर से जुड़े एक कार्यक्रम में शामिल हो रहे थे।

कृषि मंत्री ने जयपुर जिले की चयनित 17 ग्राम सेवा सहकारी समितियों में कस्टम हायरिंग सेंटर (मशीन बैंक) के लिए कृषि यंत्र (Agricultural Machinery) एवं ट्रैक्टरों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इनमें भैंसावा, बोबास, दूधली, रूण्डल, धवली, नवलपुरा, कालवाड, दुर्जनियावास, धानक्या, पचार, झो। भोजपुरा, चांदमाकंला, बजरंगपुरा, सांगटेडा, हांसियावास, भैसलाना एवं शुक्लाबास की समिति शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि जोत का आकार कम होता जा रहा है। ऐसे में किसानों के पास कृषि यंत्र उपलब्ध नहीं हो पाते हैं। सरकार के इस प्रयास से किराए पर किसानों को कम दरों पर कृषि यंत्र स्थानीय स्तर पर मिल सकेंगे।

सहकारी समितियों को मजबूत करने पर जोर
कृषि मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मंशा है कि ग्राम सेवा सहकारी समितियां मजबूत बने। उनकी सोच के अनुरूप ही इन्हें मजबूत किया जा रहा है। वर्तमान तकनीक को ध्यान में रखकर किसानों को सस्ती दरों पर समितियों को ट्रैक्टर, हल, एवं रोटावेटर सहित अन्य यंत्र उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष 100 ग्राम सेवा सहकारी समितियों में कस्टम हायरिंग सेन्टर की स्थापना की जा चुकी है। इस वर्ष 285 ग्राम सेवा सहकारी समितियों में एवं 17 एफपीओ में कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना की गई है।

ओला-उबर की तरह मंगाए जा सकते हैं कृषि यंत्र
कस्टम हायरिंग सेंटर से कृषि यंत्र अब ओला-उबर की तरह फोन से मंगाए जा सकते हैं। केंद्र सरकार ने ऐसी व्यवस्था की है। जयपुर की 17 समितियों के लिए खरीदे गए ट्रैक्टरों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते समय कृषि आयुक्त डॉ। ओम प्रकाश, अतिरिक्त रजिस्ट्रार श्याम लाल मीणा, प्रबंध निदेशक सीसीबी इद्रराज मीणा, अधिशाषी अधिकारी अदिति गोठवाल सहित कई लोग मौजूद रहे। किसानों का स्वागत कर उन्हें ट्रैक्टर की चाबी सौंपी गई।