सरसों में आई तेजी, दोगुने हुए भाव, मंडी में मिल रहा है अच्छा दाम, देखे आपके नजदीकी सरसों मंडी भाव

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Mustard Price

जींद में पिछले साल करीब 6000 हेक्टेयर में सरसों की फसल थी। इस बार सरसों का रकबा 10 हजार से लेकर 12000 हेक्टेयर तक पहुंचने की उम्मीद है। जो किसान काफी सालों से सरसों की खेती नहीं करते थे वह भी इस बार सरसों की बिजाई कर रहे हैं।

मंडियों में फसलों के भाव काफी अच्छे मिल रहे हैं, जिससे किसान खुश हैं। बासमती 1121 धान शुक्रवार को जींद मंडी में 3750 रुपये के भाव बिकी। जो पिछले साल से लगभग ₹1000 प्रति क्विंटल ज्यादा है। धान की ही नहीं बाकी फसलों की बात करें, तो भाव में तेजी है।

सरसों की फसल जो 2 साल पहले तक 3000 से ₹3500 रुपये प्रति क्विंटल बिकती थी। इस साल वह 7500 से ₹8000 प्रति क्विंटल तक बिका है सबसे बड़ी बात यह है कि अच्छे भाव होने के बावजूद भी काफी किसानों ने सरसों की फसल नहीं बेची। सरसों को घर ही स्टाक कर रखा।

मंडियों में बहुत कम सरसों की फसल आई। मार्केट में भाव अच्छा रहने से इस बार किसानों में सरसों की फसल की तरफ रुझान बढ़ा है।

अकेले जींद जिले की ही बात करें, तो पिछले साल करीब 6000 हेक्टेयर में सरसों की फसल थी। इस बार सरसों का रकबा 10 हजार से लेकर 12000 हेक्टेयर तक पहुंचने की उम्मीद है। जो किसान काफी सालों से सरसों की खेती नहीं करते थे, वह भी इस बार सरसों की बिजाई कर रहे हैं।

आमतौर पर सरसों की बिजाई किसान बाजरे की फसल की कटाई के बाद खाली खेत होने पर करते हैं। इस बार किसान धान वाले खेत में भी सरसों की बिजाई कर रहे हैं। जहां पानी खा रहा है, वहां किसान पानी देकर उस में सरसों का छिड़काव कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि इससे 20 काम कौन अच्छे से होगा और उत्पादन भी ठीक रहेगा।

2 साल पहले सरसों के तेल के रेट 90 से ₹95 प्रति लीटर होते थे। लेकिन पिछले साल सरसों के रेट में उछाल आने के बाद सरसों के रेट भी बढ़ने लगे। शुरुआत में सरसों का तेल 130 से ₹135 प्रति लीटर था। लेकिन जब सरसों के भाव 8000 प्रति क्विंटल के पार पहुंच गए, तो सरसों के तेल का रेट भी ₹200 प्रति लीटर तक पहुंच गया। अभी भी सरसों का तेल अच्छी क्वालिटी का 165 से ₹190 लीटर बिक रहा है। इससे रसोई का बजट तो बिगड़ा है। साथ ही पशुओं के चारे के आहार पर असर पड़ेगा।

पशु आहार में सरसों की खल और सरसों का तेल काफी महत्वपूर्ण है। जो दूध उत्पादन में बढ़ोतरी करता है। लेकिन किसानों को सरसों का तेल के रेट बढ़ने से कोई चिंता नहीं है क्योंकि तेल की लागत सीमित है। उसकी तुलना में रेट बढ़ने से किसानों को फायदा ज्यादा होगा। इस साल सभी फसलों के भाव अच्छे मिलने की वजह से किसानों को आमदनी में भी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।