छोटे किसानों के लिए आई बड़ी खुशखबरी! हरियाणा में अब सरकार भरेगी फसल बीमा का पूरा प्रीमियम

Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana Good news for farmers now haryana government will pay crop insurance premium of all small farmers
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Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana Good news for farmers now haryana government will pay crop insurance premium of all small farmers

हरियाणा सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY-Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana) को लेकर सबसे बड़ा फैसला किया है। अब यहां छोटे किसानों के हिस्से का फसल बीमा प्रीमियम खुद भरने का फैसला लिया है। इससे ज्यादातर किसान बीमा के दायरे में आ जाएंगे। किसी भी प्राकृतिक आपदा से फसलों को होने वाले नुकसान की भरपाई मिलेगी। ज्यादा फसल बीमा प्रीमियम की वजह से बहुत सारे किसान इस स्कीम में आने से कतराते थे। लेकिन सरकार के नए निर्णय के अनुसार अब उन्हें प्रीमियम नहीं देना होगा फिर भी बीमा का लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों के दर्द को समझते हुए फसल बीमा योजना चलाई है। अब हरियाणा में दो एकड़ से कम जमीन में बुआई करने वाले किसानों की फसल बीमा का प्रीमियम (Crop Insurance Premium) प्रदेश सरकार वहन करेगी। जबकि, दो से पांच एकड़ तक की बुआई करने वाले किसानों की जमीन की फसल बीमा किस्त आधी प्रदेश सरकार देगी। इसी तरह पांच एकड़ से अधिक बुआई करने वाले किसानों से उन्होंने अपील की कि वे अपना प्रीमियम स्वयं भरें क्योंकि वे सक्षम हैं।


बीमा प्रीमियम के तीन भाग होते हैं। एक को किसान भरता है और दूसरे व तीसरे का भुगतान संबंधित राज्य सरकारों व केंद्र की ओर से किया जाता है। लेकिन यहां राज्य सरकार ने छोटे किसानों के हिस्से का भी पूरा प्रीमियम खुद ही भरने का फैसला लिया है।

राष्ट्रीय किसान प्रोग्रेसिव एसोसिएशन (RKPA) के प्रमुख बिनोद आनंद ने हरियाणा सरकार की इस पहल का स्वागत किया है। आनंद ने इस मॉडल को दूसरे राज्यों से भी अपनाने की अपील की है, ताकि छोटे किसानों को आगे बढ़ाने में मदद मिले। उनका कहना है कि ज्यादातर किसान पीएम फसल बीमा योजना में इसलिए शामिल नहीं होते क्योंकि प्रीमियम ज्यादा है। प्रीमियम देने के बावजूद बीमा कंपनियों की शर्तों की वजह से उन्हें आसानी से क्लेम नहीं मिलता। लेकिन अगर दूसरे राज्य भी छोटे किसानों का बीमा प्रीमियम खुद भर दें तो उनकी खेती पर जोखिम कम हो जाएगा।

सोनीपत में आयोजित किसानों के एक कार्यक्रम में सीएम ने कहा कि फसल नुकसान (Crop Loss) पर मुआवजा खेती करने वाले व्यक्ति को दिया जाएगा। क्योंकि कई बार किसान दूसरों की जमीन लेकर उस पर खेती करते हैं, इसलिए ही यह व्यवस्था की गई है। इसके लिए मेरी फसल मेरा ब्यौरा पर फसल की बुआई के 15 दिन या एक माह के अन्दर स्थानीय सीएससी पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। वहां पर जाकर जिस खसरे और नम्बर की जमीन पर वह खेती कर रहा है उसको चढ़वाना होगा। उसके बाद ही वह किसान इस योजना का हकदार होगा।

सीएम मनोहर लाल ने कहा कि वे गोहाना, जुलाना और खरखौदा हलके के गांवों का फसल खराबी को लेकर हवाई निरीक्षण कर चुके हैं। इसके बारे में जल्द ही फैसला लिया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि खेतों में से मिट्टी न उठवाएं। प्रदेश सरकार एक ऐसी योजना बना रही है जिसमें प्रदेश की एक लाख एकड़ ऐसी जमीन की मरम्मत की जाएगी जहां से मिट्टी उठवाई जा चुकी है और जहां पर पानी भराव की समस्या स्थिति को खराब कर रही है। इस बारे में शीघ्र ही योजना बनाकर इसे लागू किया जाएगा। इसमें आधा खर्च सरकार वहन करेगी और आधा खर्च जमीन के मालिक को खुद देना होगा।

मनोहरलाल ने अपील की कि दिल्ली के नजदीक होने के कारण यहां सब्जियों की खेती इत्यादि की संभावना ज्यादा है। इसलिए लोग हरा चारा, बाग, सब्जी इत्यादि बोने पर जोर दें। सरकार से इस बारे पूरा सहयोग दिया जाएगा। वर्तमान में सरकार बागवानी पर 20 प्रतिशत और सुक्ष्म सिंचाई (Micro Irrigation) पर 85 प्रतिशत सब्सिडी दे रही है। इसका लोग ज्यादा से ज्यादा फायदा उठाएं। उल्लेखनीय है कि हरियाणा में धान की फसल छोड़ने पर 7000 और बाजरे की जगह दूसरी फसल उगाने पर 4000 रुपये का प्रोत्साहन दिया जा रहा है।