आतंकी को लेकर भारत-पाक सीमा पर पहुंची हरियाणा पुलिस, 7 किमी अंदर ड्रोन से पहुंचाया गया था विस्‍फोटक

ड्रोन से भारत पाकिस्‍तान सीमा से सात किलोमीटर अंदर पहुंचाए गए विस्फोटक। 10 किलोग्राम वजन उठाने की क्षमता रखते हैं ऐसे ड्रोन। करनाल पुलिस ने एक आतंकी को पाक सीमा पर ले जाकर जांचा कैसे पहुंचाए जाते हैं विस्फोटक व हथियार।
 | 
भारत-पाक सीमा पर पहुंची हरियाणा पुलिस, 7 किमी अंदर ड्रोन से पहुंचाया गया था विस्‍फोटक

आतंकी हरविंदर सिंह ऊर्फ रिंदा ने ड्रोन से विस्‍फोटक पहुंचाया था। भारतीय सीमा से करीब सात किलोमीटर अंदर पंजाब के फिरोजपुर जिले के खेतों में एक आतंकी के जानकार आकाशदीप के ननिहाल के खेतों में विस्फोटक व हथियार पहुंचाए थे।

वहां से विस्फोटकों ने किसी जगह छिपा दिया था। बाद में आतंकी इन्हें एप के जरिए बताई गई लोकेशन पर तेलंगाना के आदिलाबाद में रखने के लिए निकले थे। हालांकि अभी नांदेड़ में बताई लोकेशन पर विस्फोटक व हथियार बरामद नहीं हुए हैं। वहीं, मंगलवार को प्रदेश के राज्य विजिलेंस ब्यूरो प्रमुख आलोक मित्तल भी आतंकियों से पूछताछ करने करनाल पहुंचे।

रिमांड पर लिए गए आतंकियों से पूछताछ में विस्फोक ड्रोन से पहुंचाने का रहस्य खुला तो करनाल पुलिस आतंकी गुरप्रीत को लेकर फिरोजपुर जिले में भारत-पाक सीमा पर पहुंची। वहां जांचा गया कि आखिर ड्रोन भारतीय सीमा में कितना अंदर आए थे। जांच टीम ने यह भी पता लगाया है कि जिस प्रकार के ड्रोन से विस्फोटक व हथियार भेजे गए, वे 10 किलोग्राम वजन तक उठाकर सफर करने की क्षमता रखते हैं।

यहीं नहीं टीम ने यह भी जांच की है कि आखिर भारत की सीमा में ड्रोन कितना अंदर तक और कैसे पहुंचते हैं। हालांकि सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) सीमा पर हर जगह बेहद कड़ा पहरा रखती है। लेकिन आतंकी यह विस्फोटक व हथियार कैसे भारत में पहुंचाने में सफल रहे, इसकी जांच की जा रही है। बीएसएफ के उच्चाधिकारी भी करनाल आकर आतंकियों से पूछताछ कर चुके हैं।


आतंकियों के रिमांड के छठे दिन पूछताछ के दौरान करनाल से एक व्यक्ति को हिरासत में लिए जाने और गिरफ्तार आतंकियों से करनाल के कुछ लोगों के फोन नंबर मिलने की चर्चा है। हालांकि अभी पुलिस अधिकारी इसकी पुष्टि नहीं कर रहे हैैं। सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई सीआइए टीम ने की है।


टोल प्लाजा पर पकड़े गए आरोपितों से हरियाणा नंबर की दो गाडिय़ों की आरसी बरामद हुई थी। जांच में ये फर्जी मिली हैैं। पुलिस के अनुसार पूछताछ में सामने आया है कि इन नंबरों पर पंजाब में दो गाडिय़ां चलाई जा रही थीं। इनमें एक नंबर पानीपत का और दूसरा यमुनानगर का है। यह सब पंजाब व हरियाणा पुलिस को चकमा देने के लिए किया जा रहा था।


लुधियाना जेल में बंद रहे मूलरूप से नांदेड़ व हाल में गुरदासपुर जिले के कादिया के रहने वाले राजबीर का नाम जैसे ही आतंकियों से जुड़ा पंजाब पुलिस ने उसे प्रोडक्शन वारंट पर लेकर रिमांड पर लिया है। माना जा रहा है कि उससे बड़े राज खुल सकते हैैं। करनाल में पकड़े जाने के बाद आतंकी गुरप्रीत ने बताया था कि लुधियाना जेल में उसकी मुलाकात राजबीर से हुई थी और उसी ने रिंदा की सिग्नल एल आइडी देकर उससे संपर्क करने व उसके कहे काम को पूरा करने के लिए कहा था। करनाल पुलिस भी राजबीर को प्रोडक्शन वारंट पर लाने की तैयारी कर रही है।

अभी पूछताछ ही जारी : एसपी

आतंकियों को 10 दिन के रिमांड पर लिया गया था। अभी छह दिन के रिमांड में कई राज खुले हैं। एसपी गंगा राम पूनिया का कहना है कि चारों आतंकियों से पूछताछ जारी है। जो भी नाम इस दौरान सामने आएगा, उससे जांच में शामिल किया जाएगा।